आरोपी अफसरों को क्लीन चिट देने की तैयारी
रिटायर्ड डीजीपी आईडी भंडारी की ओर से फोन टेपिंग के फर्जी मामले में फंसाए जाने की शिकायत पर आधा दर्जन आरोपी अफसरों को विजिलेंस क्लीन चिट देने की तैयारी में है। भंडारी की शिकायत पर पुलिस के अलावा विजिलेंस भी जांच कर रही है। इस जांच में विजिलेंस को कोई साक्ष्य नहीं मिला है। माना जा रहा है कि भंडारी की शिकायत पर जांच के दायरे में आए सभी अधिकारियों को जल्द ही क्लीन चिट मिल सकती है
दरअसल, वीरभद्र सरकार के दौरान तत्कालीन डीजी आईडी भंडारी पर फोन टेपिंग करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया गया था। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद भंडारी को हाईकोर्ट से राहत मिल गई। कोर्ट ने आरोपों को खारिज करते हुए एफआईआर निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए।
इसके बाद भंडारी ने ज्यादती करने वाले कथित अधिकारियों को सजा दिलाने के लिए कवायद शुरू की। इसके तहत उन्होंने पुलिस में उस समय के सीआईडी व जिला शिमला के अधिकारियों के खिलाफ तहरीर दी लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। लेकिन इसके बाद भंडारी ने कोर्ट का सहारा लेते हुए छोटा शिमला थाने में एफआईआर दर्ज करा दी। साथ ही शिकायत की एक प्रति विजिलेंस को भी दे दी।
पुलिस की जांच तो अभी चल रही है लेकिन सूत्रों का कहना है कि विजिलेंस जांच लगभग पूरी हो चुकी है। इसमें सामने आया है कि भंडारी के खिलाफ की गई कार्रवाई सरकार के फैसले और आदेश के बाद की गई थी। ऐसे में अधिकारियों की कोई गलती नहीं है। इसी को आधार बनाते हुए विजिलेंस अब मामले में आरोपी अफसरों को क्लीन चिट देने की तैयारी में है

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