एचपीटीयू में भरे जाएंगे 164 पद
अनदेखी की मार झेल रही हिमाचल प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी के दिन बदलते हुए नजर आ रहे हैं। शनिवार को शिमला में हुई एचपीटीयू की 22वीं बोर्ड ऑफ गर्वनर (बीओजी) की बैठक में यूनिवर्सिटी को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं।
तकनीकि विश्वविद्यालय में विभिन्न शिक्षक और गैर शिक्षक के 164 पदों को भरने की घोषणा भी बैठक में की गई। इन पदों को स्वीकृति के लिए सरकार को भेज दिया गया है। अब कैबिनेट पर सबकी निगाहें हैं कि बैठक में सरकार क्या फैसला सुनाती है। यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. एसपी बंसल की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि तकनीकी विवि का अपना खुद का नया भवन बनकर तैयार हो गया है और जल्द ही यूनिवर्सिटी को नए कैंपस में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
विवि के संबद्ध महाविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को पढ़ाई करने के बाद रोजगार के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए यह फैसला लिया गया कि है कि सभी महाविद्यालय कम से कम पांच-पांच इंडस्ट्री के साथ एमओयू साइन करेंगे। सभी महाविद्यालयों की हर साल रैंकिंग की जाएगी। विश्वविद्यालय जल्द ईआरपी रिसर्च हब डाटा सेंटर और वेब स्टूडियो स्थापित करेगा, जिस पर सात करोड़ रुपए व्यय होंगे।
इस वर्ष बीटेक के छात्रों को 200 घंटों की गेट की ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रो. बंसल ने बताया कि तकनीकि विवि का अपना स्वास्थ्य केंद्र और गेस्ट हाउस भी खोलेगा। इस बैठक में कुलसचिव बच्चन सिंह, प्रो. विनोद यादवा, प्रो. एसके सडि़याल, प्रो. पवन गर्ग, नगरोटा बगवां के विधायक अरुण मेहरा, प्रो. कुलभूषण चंदेल डीन अकेडमिक एचपीटीयू, राकेश धीमान, परमजीत सिंह राकेश शर्मा व बीजोअी के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
तकनीकि विश्वविद्यालय में विभिन्न शिक्षक और गैर शिक्षक के 164 पदों को भरने की घोषणा भी बैठक में की गई। इन पदों को स्वीकृति के लिए सरकार को भेज दिया गया है। अब कैबिनेट पर सबकी निगाहें हैं कि बैठक में सरकार क्या फैसला सुनाती है। यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. एसपी बंसल की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि तकनीकी विवि का अपना खुद का नया भवन बनकर तैयार हो गया है और जल्द ही यूनिवर्सिटी को नए कैंपस में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
विवि के संबद्ध महाविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को पढ़ाई करने के बाद रोजगार के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए यह फैसला लिया गया कि है कि सभी महाविद्यालय कम से कम पांच-पांच इंडस्ट्री के साथ एमओयू साइन करेंगे। सभी महाविद्यालयों की हर साल रैंकिंग की जाएगी। विश्वविद्यालय जल्द ईआरपी रिसर्च हब डाटा सेंटर और वेब स्टूडियो स्थापित करेगा, जिस पर सात करोड़ रुपए व्यय होंगे।
इस वर्ष बीटेक के छात्रों को 200 घंटों की गेट की ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रो. बंसल ने बताया कि तकनीकि विवि का अपना स्वास्थ्य केंद्र और गेस्ट हाउस भी खोलेगा। इस बैठक में कुलसचिव बच्चन सिंह, प्रो. विनोद यादवा, प्रो. एसके सडि़याल, प्रो. पवन गर्ग, नगरोटा बगवां के विधायक अरुण मेहरा, प्रो. कुलभूषण चंदेल डीन अकेडमिक एचपीटीयू, राकेश धीमान, परमजीत सिंह राकेश शर्मा व बीजोअी के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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