Breaking News

ओल्गा लैडिज़ेनस्क्ड रूसी के महान गणितज्ञ जिनके जीबन सघर्ष से भरे हुए हैं

ओल्गा लेडीज़ेन्सकेड एक  महान गणितज्ञ


ओल्गा लेडीज़ेन्सकेड (Olga Ladieszenskade ) एक रूसी गणितज्ञ हैं और उन्होंने गणित में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ओल्गा लेडीज़ेंस्कार्ड का जन्म रूस में हुआ था और वर्ष 2004 में उनका निधन हो गया था। साथ ही, उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गणितज्ञों में से एक माना जाता है। उन्होंने गणित में अपने योगदान के लिए कई पुरस्कार जीते हैं।
आप भी रिपोर्टर बन सकते है 
सूचना:-ताजा तथा बेहतरीन न्यूज़ के लिए हिमाचल रॉकस्टार को फेसबुक तथा इंस्टाग्राम पर लाइक करें


ओल्गा लैडिज़ेनस्क्ड कि जीवनी 

 एक महिला रूसी गणितयज्ञ थी जिनका जन्म 7 मार्च 1922 को हुआ था जिनकी माता का नाम एना मिखाइलोव्नाथा इनके पिता गणित के एक कुशल शिक्षक थे जिन्हे बाद में इनके पिता को देशद्रोही करार देते हुए जेल में ही मरवा दिया गया था क्योंकि इन पर इल्जाम था कि वे दुश्मनों के साथ मिले हुए हैं ऐसे में ओल्गा लेडीज़ेन्सकेड बचपन में ही अनाथ हो गए थे और मैं अपनी माता के साथ जूते तथा साबुन बेचते थे

पिता जीकी मौत के बाद सारा कार्यभार उनके कंधों पर ही आ गया था इसमें वे मात्र 15 साल के ही थे जब या 8 वर्ष के थे तभी से इनको गणित में रुचि हो गई थी उनकी उम्र में इनके पिता ने जयामिति पढ़ाती थी इसलिए इन्हें गणित काफी नॉलेज हो गया था अगर हम उनकी सफलता का श्रेय उनके पिताजी को दें सकते हैं

क्योंकि उनके पिताजी ने उनकी रुचि गणितज्ञ के प्रति जागृत कर दी थी उनके पिताजी ने उनको गणित के पाठ बचपन में ही पढ़ा दिए थे जिससे उनको बचपन में ही एहसास हो गया था कि दैनिक जीवन में कोई घटना ऐसी होती है जिनको हम गणित की सहायता से आसानी से हल कर सकते हैं और इसी कारण समस्याओं को गणित की सहायता से हल करने के लिए उनकी रुचि बचपन से ही बन गई थी

इनका जन्म जिस कस्बे में हुआ था बेचारे क्षेत्रों से जंगल से गिरा हुआ था जिन में जंगली जानवर रहते थे यह तीन भाई-बहन थे इनमें से ओल्गा लैडिज़ेनस्क्ड सबसे बड़ी थी और इनके पिता है जी की मृत्यु के बाद उनकी माता ने उन्हें संभाला जब वह बहुत छोटी थी अर्थात 8 साल की थी तो उनके पिता ने उनको ग्रीष्म अवकाश में गणित पढ़ाना शुरू  कर दिया था सबसे पहले उन्होंने कुछ जयमिति गणित के बारे में पढ़ाया और धीरे-धीरे जब उनकी रुचि गणित में बढ़ने लगी तो  उनके पिता मैं उनको समस्या हल करना सिखा दिया खुद से  ही बड़े बड़े सवाल हल कर लेते थे

अपने पिताजी की मृत्यु के बाद उन्होंने किसी सरकारी संस्थान में उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश नहीं लिया क्योंकि लोग उनके पिता तथा परिवार के दुश्मन बन गए थे बाद में उन्होंने डॉक्टरेट थीसिस प्रस्तुत किए और उन्होंने अपनी डिग्री हासिल की जिसे वह बहुत पहले कर सकती थी लेकिन कई कारणों से नहीं कर पाए इसके बाद उन्होंने स्टेटलोब संस्था से पड़ाने का मौका मिला जो कि एक बहुत बड़ी संस्था है मुख्य रूप से अनुसंधान के लिए कार्यरत है

 आज गूगल ने भी अपने डूडल में इन्हें सम्मान दिया है उनका नाम रूस के महान गणितज्ञ में आता है गूगल के साथ साथ पूरी दुनिया उनको सम्मान दे रही है इनकी मृत्यु लगभग 81 साल की उम्र में 12 जनवरी 2004 को हो गई थी


No comments