हिमाचल के लोगो मे हो रहा बदलाव फिर से लौटा देसी गाये पालने का जमाना
एक बार फिर से हिमाचल अपनी पुरानी परम्परा की और बद रहा है |अब हिमाचल में फिर से देसी गाय को पालने का जमाना लौट रहा है। प्रदेश के लोगो को फिर से देसी गाय की अहमियत समझ आ रही हैं। दूध के उत्पादों में हो रही मिलावट और प्राकृतिक खेती के लिए जिस तरह से देसी गाय के गोबर की मांग बढ़ी है। उसके बाद प्रदेश भर के लोग अब अपने घर में देसी गाय पालने या फिर देसी गाय की नस्ल को तैयार करने में सहयोग कर रहे हैं। इसका खुलासा पशुपालन विभाग की ओर से प्रदेश भर में देसी गाय की बढ़ोतरी के लिए विभिन्न पशु चिकित्सालयों में उपलब्ध करवाए गए सीमन से हुआ है। पशुपालन विभाग ने पिछले वर्ष प्रदेश भर में देसी नस्ल की शाहीवाल गाय के 71,520 सीमन पशु चिकित्सालयों में भेजे हैं।

इसके अलावा अन्य देसी नस्ल की गाय गिर की नस्ल को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश भर में 1091 सीमन बांटे गए, जबकि शाहीवाल क्रॉस के लिए 1,22,899 सीमन पशुपालन विभाग प्रदेश भर ने चल रहे पशु चिकित्सालयों में देसी गाय को बढ़ावा देने के लिए भेजे गए हैं। विभाग ने ये सीमन लोगों की मांग को देखते हुए भेजे हैं। इस बात से यह पता लगता है की हिमाचल फिर से पुरानी परम्पराओ की और तेजी से बदने लगा है और एक सुंदर और सवस्थ हिमाचल बन रहा है |
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