तहसीलदार के फर्जी लेटर हेड पर बना दिए आधार कार्ड
उपायुक्त कार्यालय परिसर शिमला में नोटरी ने अवैध तरीके से तहसीलदार कार्यालय के पते पर आधार कार्ड बना दिए। हैरत की बात है कि नोटरी ने पहले तो नायब तहसीलदार का फर्जी लैटर तैयार किया।
इसके बाद लेटर हेड पर तहसीलदार के हस्ताक्षर के स्थान पर खुद ही लेटर हेड पर हस्ताक्षर कर दिए और आधार संचालक के पास आधार कार्ड फार्म सत्यापन कर दिए। मामला सामने आने पर उपायुक्त ने एडीएम को जांच के निर्देश दिए है।
शिमला शहरी नायब तहसीलदार एचएल गेज्टा के पास इस तरह की शिकायतें पहुंच रही थीं। इसके बाद नायब तहसीलदार ने नोटरी में छापेमारी की। छापेमारी में नायब तहसीलदार ने उपायुक्त कार्यालय परिसर में लोगों से नोटरी और डाक्यूमेंट राइटर की तय दरों से कई गुना अधिक फीस वसूलने का मामला पकड़ा
इसके अलावा एक नोटरी को राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। नोटरी कार्यालय बंद होने के बाद शाम छह बजे कार्यालय में आकर कुछ प्रशिक्षु चिकित्सकों के ऐग्रीमेंट बांड को राजस्व विभाग के रजिस्टर में खुद दर्ज कर रहा था।
जांच में नोटरी के संलिप्त होने के बाद नायब तहसीलदार ने इसकी रिपोर्ट बनाकर एसडीएम को सौंपी है। इसी बीच एसडीएम ने मामले की रिपोर्ट उपायुक्त को भेज दी। शिकायत मिलने के बाद उपायुक्त ने भी एडीएम (कानून एवं व्यवस्था) को जांच के निर्देश दे दिए हैं। एडीएम की ओर से जांच शुरू की जा चुकी है।
आधार केंद्र संचालक के मुताबिक लोगों को आधार कार्ड बनने के लिए राजपत्रित अधिकारी की मंजूरी जरूरी है। राजपत्रित अधिकारी की ओर से जारी लेटर हेड पर सत्यापन के बाद ही आधार कार्ड संचालक आधार कार्ड बना सकते हैं। इससे पहले आधार केंद्र संचालक की ओर से जारी आधार फार्म पर ही राजपत्रित कर्मचारी के हस्ताक्षर होते थे
इसके बाद लेटर हेड पर तहसीलदार के हस्ताक्षर के स्थान पर खुद ही लेटर हेड पर हस्ताक्षर कर दिए और आधार संचालक के पास आधार कार्ड फार्म सत्यापन कर दिए। मामला सामने आने पर उपायुक्त ने एडीएम को जांच के निर्देश दिए है।
शिमला शहरी नायब तहसीलदार एचएल गेज्टा के पास इस तरह की शिकायतें पहुंच रही थीं। इसके बाद नायब तहसीलदार ने नोटरी में छापेमारी की। छापेमारी में नायब तहसीलदार ने उपायुक्त कार्यालय परिसर में लोगों से नोटरी और डाक्यूमेंट राइटर की तय दरों से कई गुना अधिक फीस वसूलने का मामला पकड़ा
इसके अलावा एक नोटरी को राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। नोटरी कार्यालय बंद होने के बाद शाम छह बजे कार्यालय में आकर कुछ प्रशिक्षु चिकित्सकों के ऐग्रीमेंट बांड को राजस्व विभाग के रजिस्टर में खुद दर्ज कर रहा था।
जांच में नोटरी के संलिप्त होने के बाद नायब तहसीलदार ने इसकी रिपोर्ट बनाकर एसडीएम को सौंपी है। इसी बीच एसडीएम ने मामले की रिपोर्ट उपायुक्त को भेज दी। शिकायत मिलने के बाद उपायुक्त ने भी एडीएम (कानून एवं व्यवस्था) को जांच के निर्देश दे दिए हैं। एडीएम की ओर से जांच शुरू की जा चुकी है।
आधार केंद्र संचालक के मुताबिक लोगों को आधार कार्ड बनने के लिए राजपत्रित अधिकारी की मंजूरी जरूरी है। राजपत्रित अधिकारी की ओर से जारी लेटर हेड पर सत्यापन के बाद ही आधार कार्ड संचालक आधार कार्ड बना सकते हैं। इससे पहले आधार केंद्र संचालक की ओर से जारी आधार फार्म पर ही राजपत्रित कर्मचारी के हस्ताक्षर होते थे

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