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नाबालिग लड़की को भगाने पर 4 साल की कैद

पुलिस थाना जवाली के तहत एक नाबालिग लड़की को घर से भगाने और उसे रात पर अपने कमरे में बंद रखने के आरोप साबित होने पर दोषी व्यक्ति को चार साल की सजा और 31 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। यह सजा जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेके शर्मा की अदालत ने शुक्रवार को सुनाई।

जिला न्यायवादी राजेश वर्मा ने बताया 28 अक्तूबर 2015 को पीड़िता के पिता ने पुलिस थाना जवाली में शिकायत दर्ज करवाई कि 27 अक्तूबर की रात को उनका पूरा परिवार सो रहा था। इस दौरान आधी रात को उनका बेटा जब शौचालय के लिए उठा तो उसने घर के बाहर एक मोटरसाइकिल की आवाज सुनी। इसके बाद उसने पूरे परिवार को उठाया। जांच की गई तो उनकी नाबालिग बेटी अपने कमरे से लापता पाई गई।

रात भर पूरा परिवार उसकी तलाश करता रहा, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। वहीं सुबह करीब 5 बजे उनकी बेटी घर वापस पहुंच गई। इस दौरान उससे पूछताछ करने पर उनकी नाबालिग बेटी ने बताया कि अंशुल कुछ दिनों से उसे तंग कर रहा था और शादी करने के लिए जबरदस्ती कर रहा था

इसके अलावा उसे शादी से इनकार करने पर अगवा करने की धमकी दे रहा था। रात को जब वह शौचालय के लिए बाहर गई थी तो अंशुल उसका मुंह बंदकर उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बिठा कर ले गया था और रात भर अंशुल ने उसे कमरे में बंद करके रखा। इस दौरान अंशुल ने उसे डराया धमकाया और कहा कि वह इस बात को किसी को भी न बताए।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए छानबीन शुरू की। पुलिस जांच के बाद न्यायालय में पहुंचे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 12 गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी युवक पर दोष सिद्ध हुआ और उसे विभिन्न मामलों के तहत चार वर्ष कठोर कारावास व 31 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई

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