घर लौट रहे भेड़पालक पर भालूओं ने किया हमला
मनाली उपमंडल की वशिष्ठ पंचायत में कोशला गांव के जंगल में एक भेड़पालक पर दो भालुओं ने हमला कर दिया। भालुओं के हमले के बाद वह पहाड़ी से करीब 20 फुट नीचे गिर गया। इस कारण उसके शरीर पर कई चोटें आई हैं।
भेड़पालक भेड़ें अपने साथी के पास छोड़ने के बाद अपने घर की ओर लौट रहा था। भेड़पालक का मनाली के लेडी विलिंगटन अस्पताल में उपचार चल रहा है। भालुओं के हमले के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह 6 बजे वशिष्ठ निवासी डंबू राम 55 गांव वशिष्ठ और उसका साथी भीमसेन दोनों अपनी भेड़ों के पास जंगल में थे। सुबह भेड़ों को भीमसेन के पास छोड़कर वह वशिष्ठ की ओर रवाना हुआ। रास्ते में दो भालुओं ने उस पर हमला कर किया।
भालुओं से बचते-बचाते वह 20 फीट नीचे पहाड़ी से गिर गया। झाड़ियों के बीच फंस जाने के कारण उसका बचाव हुआ। इसके बाद घायल डंबू राम ने अपने घर पर फोन कर आप बीती बताई। गांववासी दौड़ते-दौड़ते कुछ समय बाद उक्त स्थल पर पहुंचे।
इसके बाद घायल भेड़पालक को उपचार के लिए मनाली के लेडी विलिंगटन अस्पताल लाया गया। घायल का साढ़े तीन घंटों तक ऑपरेशन चला। वन वनपरिक्षेत्र अधिकारी मनाली हेमराम भारद्वाज ने कहा कि घायल के परिवार को विभाग की ओर से पांच हजार रुपये की फौरी राहत दी है।
अगर डॉक्टर मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर रिपोर्ट कहते हैं तो उन्हें विभाग की ओर से 75 हजार रुपये की राहत दी जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जंगलों में जाएं तो अकेले न जाएं, झुंड में ही जाएं
भेड़पालक भेड़ें अपने साथी के पास छोड़ने के बाद अपने घर की ओर लौट रहा था। भेड़पालक का मनाली के लेडी विलिंगटन अस्पताल में उपचार चल रहा है। भालुओं के हमले के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह 6 बजे वशिष्ठ निवासी डंबू राम 55 गांव वशिष्ठ और उसका साथी भीमसेन दोनों अपनी भेड़ों के पास जंगल में थे। सुबह भेड़ों को भीमसेन के पास छोड़कर वह वशिष्ठ की ओर रवाना हुआ। रास्ते में दो भालुओं ने उस पर हमला कर किया।
भालुओं से बचते-बचाते वह 20 फीट नीचे पहाड़ी से गिर गया। झाड़ियों के बीच फंस जाने के कारण उसका बचाव हुआ। इसके बाद घायल डंबू राम ने अपने घर पर फोन कर आप बीती बताई। गांववासी दौड़ते-दौड़ते कुछ समय बाद उक्त स्थल पर पहुंचे।
इसके बाद घायल भेड़पालक को उपचार के लिए मनाली के लेडी विलिंगटन अस्पताल लाया गया। घायल का साढ़े तीन घंटों तक ऑपरेशन चला। वन वनपरिक्षेत्र अधिकारी मनाली हेमराम भारद्वाज ने कहा कि घायल के परिवार को विभाग की ओर से पांच हजार रुपये की फौरी राहत दी है।
अगर डॉक्टर मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर रिपोर्ट कहते हैं तो उन्हें विभाग की ओर से 75 हजार रुपये की राहत दी जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जंगलों में जाएं तो अकेले न जाएं, झुंड में ही जाएं

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