Breaking News

सुखराम के बेटे पूर्व मंत्री अनिल की बढ़ सकती हैं मुश्किलें


बेटे को लोकसभा टिकट दिलाने की प्रक्रिया में बागी हुए जयराम सरकार के पूर्व मंत्री अनिल शर्मा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वीरभद्र सरकार के दौरान राज्यपाल को सौंपी भाजपा चार्जशीट में भले ही सरकार के रुख को भांपते हुए विजिलेंस ब्यूरो ने तत्कालीन मंत्री अनिल शर्मा से जुड़े मामलों को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। लेकिन अब ब्यूरो मामले में संबंधित विभागों से मिले जवाबों की फाइल से धूल हटा रही है।


सूत्रों का कहना है कि ब्यूरो विभाग से मिले जवाबों का अध्ययन कर इस बात की पुष्टि करना चाहता है कि उनके ऊपर भाजपा के तत्कालीन नेताओं द्वारा लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं। साथ ही अगर मामले में शर्मा के खिलाफ कार्रवाई करने लायक कोई सबूत या संकेत मिलते हैं तो ब्यूरो सरकार को इस संबंध में रिपोर्ट सौंपेगा।

बता दें कि पिछली वीरभद्र सरकार में पंचायती राज मंत्री रहे अनिल शर्मा के खिलाफ भाजपा ने राज्यपाल को सौंपी चार्जशीट में भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए थे। लेकिन चुनावों के दौरान शर्मा भाजपा में शामिल हो गए और भाजपा के टिकट पर मंडी सदर से विधायक बन जयराम मंत्रिमंडल में ऊर्जा मंत्री बन गए। जाहिर है अपनी ही सरकार के मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने की मुश्किल देख सरकार ने बदले की भावना से कार्रवाई न करने का रास्ता निकाला।

इसके तहत सभी विभागों से चार्जशीट के आरोपों पर कमेंट मांगे गए और ब्यूरो को भेजे जाने लगे। लेकिन ब्यूरो ने सरकार की सहूलियत के हिसाब से मामलों की प्राथमिकता तय कर दी। अब शर्मा बागी तेवर अपना चुके हैं, ऐसे में ब्यूरो ने उनके मामले में आए जवाब का अध्ययन शुरू कर दिया है

No comments