Breaking News

हिमाचल के दो डाक्टर्ज को पद्मश्री

डा. ओमेश कुमार


हिमाचल के  प्रसिद्ध डा. ओमेश कुमार भारती को दिल्ली में शनिवार को राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री अवार्ड से नवाजा गया। डा. भारती को यह अवार्ड सामाजिक काम के लिए दिया गया है। ओमेश कुमार ने रेबीज यानी कुत्तों और बंदरों के काटने के फैलने वाले जानलेवा वायरल के इलाज को बेहद सस्ता और आम आदमी की पहुंच तक लाने का अनूठा काम किया है।
हिमाचल के दो डाक्टर्ज को पद्मश्री

वह शिमला में एक सरकारी अस्पताल में काम करते हैं और इनका काम वर्ल्ड हैल्थ आर्गेनाइजेशन यानी डब्लूएचओ ने भी सराहा है। इससे पहले रेबीज के इलाज के लिए 35000 रुपए खर्च होते थे, लेकिन अब यह खर्च मात्र 350 रुपए हो गया है और इसमें डा. उमेश कुमार भारती का पूर्ण योगदान है।

डा. भारती के रेबीज बीमारी के इलाज की बात करें तो उनके द्वारा कसौली में अपने एक मित्र से रिजर्व में रखी यह दवा मंगवाई और तय किया कि वह इम्यूनोग्लोबिन सिर्फ घाव पर लगाएंगे, मसल में इजेक्ट नहीं करेंगे। खास बात तो यह है कि ऐसा करने पर एक भी व्यक्ति की जान नहीं गई, जिसे देखते हुए डाक्टर ने इस रिसर्च पेपर का रूप दिया और डब्लूएचओ को भेजा।

इसके बाद से कन्विंस हुए डाक्टर के पास लगभग सात हजार ऐसे मरीज थे, जिनका इलाज सफलतापूर्वक ठीक करने की अपनी केस स्टडी थी। वहीं, अब इसे डब्लूएचओ ने अपने ग्लोबल एजेंडे में शामिल किया और अब उनकी नई गाइडलाइंस के मुताबिक दुनिया भर में यह नियम लागू हो गया।

इससे हुआ यह कि सरकार के करोड़ों रुपए बचे, आम आदमी का सस्ते में इलाज होने लगा और हर छोटे बड़े अस्पताल में यह दवा मौजूद होने लगी।

डा. जगत राम तोमर

देश के जाने-माने स्वास्थ्य संस्थान पीजीआई चंडीगढ़ के निदेशक व हिमाचल के बेटे डा. जगत राम तोमर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया है। चिकित्सा के क्षेत्र में लंबे समय से अभूतपूर्व योगदान के लिए डा. जगत राम को नवाजा गया है।
हिमाचल के दो डाक्टर्ज को पद्मश्री

 करीब सवा वर्ष से देश के जाने-माने स्वास्थ्य संस्थान पीजीआई के निदेशक पद पर कार्यरत डा. जगत राम को पुरस्कार मिलने से पूरा प्रदेश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। पीजीआई में बतौर नेत्र चिकित्सक तैनात डा. जगत राम को करीब 40 वर्ष की अवधि हो चुकी है। जगत राम तोमर के नाम नेत्र विशेषज्ञ के रूप में छोटे बच्चों में सफेद मोतियाबिंद के अब तक के दस हजार से अधिक आपरेशन व व्यस्क मरीजों के करीब एक लाख सफल आपरेशन का रिकार्ड है।

इसके अलावा डा. जगत राम 25 साल तक चैरिटेबल ट्रस्ट में सेवाएं दे चुके हैं। डा. जगत राम को चार बार अमरीका जैसे देश में आंखों के जटिल आपरेशन के लिए पुरस्कृत किया जा चुका है। इसके अलावा ब्रिसलाना स्पेन न्यू सर्जिकल के लिए भी डा. जगत राम को सम्मान मिल चुका है। मूल रूप से जिला सिरमौर के राजगढ़ के रतौली पबियाना निवासी डा. जगत राम का जन्म 17 अक्तूबर, 1956 को एक साधारण परिवार में हुआ था।

 डा. जगत राम के भाई रणजीत सिंह, मस्तराम व प्रताप दूध का व्यवसाय करते हैं, जबकि अन्य भाई महेंद्र सिंह खेतीबाड़ी करते हैं। इसके अलावा उनके एक भाई अमर सिंह का ड्राइविंग स्कूल है। डा. जगत राम अब तक 32 रिसर्च बुक्स लिख चुके हैं।

 वर्ष 2013 में उन्हें सैन फ्रांसिस्को में क्रिटिकल आपरेशन के सफलतापूर्वक शोध, नौ मई, 2016 को यूएसए में बेस्ट ऑफ बेस्ट अवार्ड, वर्ष 2015 तथा 2018 में अमरीकन सोसायटी द्वारा वाशिंगटन डीसी में उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।

वर्तमान में पीजीआई चंडीगढ़ के निदेशक पद्मश्री डा. जगत राम ने दसवीं तक की शिक्षा राजगढ़ से की। उसके बाद उन्होंने शिमला से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की।


No comments