शिक्षा विभाग के सभी स्कूलों को निर्देश ई-लर्निंग कंटेंट के तहत करवाएं स्टडी,hp news
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब छात्र सीबीएसई के ई-कंटेंट के माध्यम से पढ़ाई करेंगे। समग्र शिक्षा विभाग के तहत शिक्षा विभाग ने रिसोर्स मैटीरियल टैब पोर्टल तैयार किया है। इस पोर्टल में नए लार्निंग आउटकम्स प्लान और साइंस से लेकर हर विषय शामिल किया गया है।
इसके साथ ही किताबी पढ़ाई के दौरान छात्रों पर पड़ने वाला स्टे्रस भी इससे कम हो पाएगा। hp news बता दें कि इस गाइडलाइन में यह भी शामिल है कि छात्रों को स्कूलों में प्रश्नबैंक के माध्यम से सवाल सॉल्व करवाए जाएं। ये क्वेश्चन बैंक सॉल्व करने के लिए छात्रों को चार स्तर तय करने होंगे। एक भाग सॉल्व करने के बाद दूसरा भाग इस बैंक का खुलेंगा। इससे छात्रों का जहां आईक्यू चैक किया जाएगा, वहीं उम्र के साथ वे अपनी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं या नहीं, यह भी परखा जाएगा।
फिलहालअब नौवीं से बारहवीं तक छात्रों को नए लर्निंग आउटकम्स और समग्र शिक्षा के तहत बनाए गए पोर्टल के तहत पढ़ाना अनिवार्य है। समग्र शिक्षा की गाइडलाइन के तहत छात्रों को स्कूलों में पढ़ाया भी जा रहा है या नहीं, यह भी देखा जाएगा। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि सरकारी स्कूलों में इनरोलमेंट बढ़ाने के लिए यह कदम काफी सराहनीय सिद्ध होगा। शिक्षा विभाग ने कहा है कि निजी स्कूलों की तर्ज पर अब सरकारी स्कूलों में छात्रों को सुविधाएं दी जाएंगी।
शिक्षा विभाग ने यह भी निर्देष स्कूल प्रबंधन को जारी किए है कि छात्रों की कक्षाओं में प्रेजेनटैंशन भी करवाई जाएं। स्कूल प्रबंधन व शिक्षकों को आदेश दिए गए हं कि वे नोट्स भी तैयार करें, इसके साथ ही समय-समय पर छात्रों को पढ़ाए जाने वाली चीजों को भी रिकार्ड के तौर पर रखें hp news

hp news खास बात यह है कि छात्रों की पढ़ाई के लेवल को बढ़ाया जाए hp news, इसके लिए सीबीएसई विषय से जुड़े सवाल इस पोर्टल के क्वेश्चन बैंक में दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों व स्कूलों को आदेश दिए हैं कि वे छात्रों को कक्षाओं में समग्र शिक्षा के तहत तय की गई नई गाइडलाइन के तहत ही पढ़ाएं। शिक्षा विभाग का तर्क है कि इससे छात्रों में किताबी स्टडी के साथ-साथ प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी भी स्कूल से ही हो जाएगी।
फिलहालअब नौवीं से बारहवीं तक छात्रों को नए लर्निंग आउटकम्स और समग्र शिक्षा के तहत बनाए गए पोर्टल के तहत पढ़ाना अनिवार्य है। समग्र शिक्षा की गाइडलाइन के तहत छात्रों को स्कूलों में पढ़ाया भी जा रहा है या नहीं, यह भी देखा जाएगा। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि सरकारी स्कूलों में इनरोलमेंट बढ़ाने के लिए यह कदम काफी सराहनीय सिद्ध होगा। शिक्षा विभाग ने कहा है कि निजी स्कूलों की तर्ज पर अब सरकारी स्कूलों में छात्रों को सुविधाएं दी जाएंगी।
शिक्षा विभाग ने यह भी निर्देष स्कूल प्रबंधन को जारी किए है कि छात्रों की कक्षाओं में प्रेजेनटैंशन भी करवाई जाएं। स्कूल प्रबंधन व शिक्षकों को आदेश दिए गए हं कि वे नोट्स भी तैयार करें, इसके साथ ही समय-समय पर छात्रों को पढ़ाए जाने वाली चीजों को भी रिकार्ड के तौर पर रखें hp news
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