हिमाचल के नए राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने ली शपथ hp news
बंडारू दत्तात्रेय ने बुधवार को यहां राजभवन में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में शपथ ली। वह प्रदेश के 27वें राज्यपाल बने हैं। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति धर्मचंद चौधरी ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, राज्यपाल की धर्मपत्नी वसंथा दत्तात्रेय भी उपस्थित रहीं। hp news
मुख्य सचिव डा. श्रीकांत बाल्दी ने राज्यपाल की नियुक्ति का पत्र पढ़ा। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर ने कार्यभार प्रमाण पत्र पर राज्यपाल के हस्ताक्षर प्राप्त किए। विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. राजीव सहजल, कृष्ण रेड्डी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री, आरट्रैक के चीफ ऑफ स्टॉफ ले. जनरल जीएस साघा, नगर निगम शिमला की महापौर कुसुम सदरेट, पुलिस महानिदेशक एसआर मरढी, विभिन्न बोर्डों एवं निगमों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, विश्वविद्यालयों के कुलपति, सेना व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रबुद्ध नागरिक भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। hp news
इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि है और इसे वीरभूमि भी कहा जाता है। यहां की उच्च परंपराएं, समृद्ध संस्कृति और रीति-रिवाज हैं, जो इस पहाड़ी प्रदेश को अन्यों से अलग करते हैं। वह इसे अपना सौभाग्य समझते हैं कि हिमालय की गोद में बसे इस प्रदेश में राज्यपाल के रूप में कार्य करने का मौका मिला है। hp news
बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि दक्षिण को उत्तर भारत से जोड़ने में पयर्टन की अहम भूमिका हो सकती है। उनकी कोशिश रहेगी कि विभिन्न माध्यमों से दोनों क्षेत्रों को जोड़कर एकरूपता लाने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि कुछ बिंदुओं पर कार्य करने की रूपरेखा तैयार की है, जिनमें पहला है प्रदेश में पर्यटन विकास में सहयोग। दूसरा है धार्मिक पर्यटन को और विकसित किया जाए। hp news

इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि है और इसे वीरभूमि भी कहा जाता है। यहां की उच्च परंपराएं, समृद्ध संस्कृति और रीति-रिवाज हैं, जो इस पहाड़ी प्रदेश को अन्यों से अलग करते हैं। वह इसे अपना सौभाग्य समझते हैं कि हिमालय की गोद में बसे इस प्रदेश में राज्यपाल के रूप में कार्य करने का मौका मिला है। hp news
दक्षिण को उत्तर भारत से जोड़ सकता है पर्यटन क्षेत्र
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